मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार को तथ्यों व आंकड़ों के साथ घेरा
विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में लाभ राशि के सीधे हस्तांतरण उपरांत प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 8 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज अलग-अलग क्षेत्रों में हरियाणा व पंजाब सरकार से संबंधित तथ्यों और आंकड़ों की तुलना करते हुए पंजाब सरकार को फेल सरकार बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के हालात तो आज पश्चिम बंगाल से भी बुरे हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को हरियाणा निवास में सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में लाभ राशि के सीधे हस्तांतरण उपरांत प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के शासनकाल में आम जनता पर अत्याचार होता था, लोगों को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया जाता था और पुलिस में एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। कुछ ऐसे ही हालात आज पंजाब में हो गए हैं। पंजाब में नशा और कानून व्यवस्था सरकार के नियंत्रण से बाहर है। हाल ही में पंजाब में हुए बम ब्लास्ट के संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है जबकि वहां के डीजीपी के अनुसार इसके तार आईएसआई से जुड़े हो सकते हैं। पंजाब सरकार नशे व माइनिंग को नियंत्रित करने का झूठा दिखावा कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहले पंजाब के लोग कांग्रेस के भ्रष्टाचार से तंग हो गए थे, लेकिन वर्तमान पंजाब सरकार तो भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस से भी चार कदम आगे निकल गई है। आज पंजाब के लोग इलाज के लिए तड़प रहे हैं, आम आदमी प्रताड़ित हो रहा है। पंजाब के लोग बदलाव चाहते हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर आने वाले विधानसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा की सरकार बनाने का मन बना चुके हैं। पंजाब में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां भी वही योजनाएं लागू की जाएंगी जो हरियाणा में लागू की गई हैं। उनके पंजाब दौरों पर विपक्ष द्वारा उठाई जा रही आपत्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें प्यार से अपने कार्यक्रमों में बुलाते हैं तो इससे विपक्ष के पेट में दर्द क्यों होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने 55 साल के शासन के दौरान कांग्रेस ने देश को कमजोर, आम आदमी को परेशान और भ्रष्टाचार के सहारे अपने आप को मजबूत करने का काम किया है। कांग्रेस के पास न नीति है न काम करने की नीयत है और जब जनता इन्हें सिंहासन से उतारती है तो ये कहते हैं कि वोट चोरी हो गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हमारी सरकार को घुसपैठियों की सरकार कहते हुए जरा भी शर्म नहीं आती है जबकि सच्चाई यह है कि देश में जितने भी घुसपैठिए आए हैं वह सब कांग्रेस सरकार के समय आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह की दूरदर्शी सोच व रणनीति से घुसपैठियों को देश से बाहर का रास्ता दिखाया है और भारत को विश्व के एक मजबूत देश के रूप में स्थापित किया है। राहुल गांधी सरेआम संविधान का अपमान करने से भी नहीं चूकते हैं। कांग्रेस और आम आदमी सहित इंडिया गठबंधन के नेता रात को इकट्ठे बैठकर योजना बनाते हैं और दिन में मोदी जी को गाली देते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश व राजस्थान के गत विधानसभा चुनावों में हरियाणा कांग्रेस ने भाजपा को हराने के लिए पैसा खर्च करके डमी उम्मीदवार खड़े किए, लेकिन जनता ने इंडिया गठबंधन को असली आइना दिखा दिया। इन विपक्षी दलों का यही हाल अब पंजाब में भी होने वाला है। इंडिया गठबंधन के नेता लोकतंत्र का सम्मान नहीं करते और हार जाने के बावजूद कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
एक प्रश्न के उत्तर में श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा काफी पहले की गई घोषणा के बावजूद आज तक वहां महिलाओं को आर्थिक लाभ नहीं दिया गया। हरियाणा के वर्तमान बजट में महिलाओं के लिए 6500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान करने के बाद पंजाब सरकार ने लोकदिखावा करते हुए आनन-फानन में विधानसभा में महिलाओं के लिए घोषणा कर दी जबकि अभी तक एक महिला को भी लाभ नहीं मिला है। इस मामले में पंजाब सरकार सिर पर आए चुनाव को देखकर केवल राजनीति कर रही है। इसके विपरीत हरियाणा में महिलाओं को दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत प्रतिमाह 2100 रुपये दिए जा रहे हैं जिसकी 7वीं किश्त आज महिलाओं के खातों में भिजवा दी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने न केवल इस बार के बजट में इस योजना की राशि को 5000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6500 करोड़ कर दिया है बल्कि पात्र परिवार की सालाना आय की शर्त को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करके और अधिक महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष महिलाओं को गुमराह करने के लिए यह दुष्प्रचार कर रहा है कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा ऐसा कुछ भी नहीं किया जाएगा, लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अन्य योजनाओं का लाभ पूर्व की भांति ही मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में महिलाओं को जागरूक किया जाएगा ताकि बची हुई पात्र महिलाओं को भी योजना में शामिल किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में किसानों से 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जाता है और इसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से 48 घंटों के भीतर किया जाता है। दूसरी तरफ पंजाब का किसान आज अपना आलू सड़कों पर फैंकने पर मजबूर है, वहां के किसान अपने बाजरे की फसल 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विटल के भाव पर बेचने को विवश हैं जबकि हरियाणा में आलू-गोभी व बाजरे सहित न केवल 24 फसलें एमएसपी पर खरीदी जा रही है बल्कि फलों व सब्जियों को भी भावांतर भरपाई योजना के तहत एक निर्धारित मूल्य किसानों को देना सुनिश्चित किया जा रहा है। मैंने एक बार स्वयं पंजाब के मुख्यमंत्री को कहा था कि आपको भी अपने किसानों के हित में सभी 24 फसलें एमएसपी पर खरीदनी चाहिए। आज हरियाणा सरकार प्रदेश के लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सरलता व जवाबदेही के साथ दे रही है। इसी कड़ी में आज से हरियाणा के किसानों को फसल बेचने पर मिलने वाला जे-फार्म भी उनके मोबाइल एप पर मिलने लगा है, इसके लिए अब उन्हें आढ़तियों के पास जाने की जरूरत नहीं है। इसी प्रकार भवनों के नक्शे पास करने की प्रक्रिया को भी आज से ऑनलाइन, पेपरलैस व फेसलैस करते हुए इसके लिए ‘हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अपू्रवल सिस्टम’ की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हमारे पोर्टल सिस्टम की आलोचना करते हुए अपनी सरकार आने पर इसे हटाने की बात करता है। इसका सीधा अर्थ यही है कि विपक्ष भ्रष्टाचार का समर्थन करता है, क्योंकि पोर्टल के माध्यम से आमजन को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ घर बैठे ही मिल रहा है और जनता भी इससे खुश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का किसान आज अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, क्योंकि उसके हाथ कुछ नहीं लगा है जबकि हरियाणा सरकार द्वारा अपने 3.70 लाख से अधिक किसानों को खरीफ-2025 फसल के नुकसान पर 486 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। वर्तमान सरकार ने अपने साढ़े 11 साल के कार्यकाल में किसानों को 16530 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है जबकि कांग्रेस सरकार ने दस सालों में केवल 1138 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया था।
पंजाब के आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के भाजपा में आने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन सभी सांसदों ने नारी सम्मान की बात कही थी और केंद्र सरकार द्वारा संसद में रखे गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन की बात कही थी, लेकिन अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान यह नहीं चाहते थे कि नारी के सम्मान का अधिनियम पारित हो। आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने अपनी आत्मा की आवाज पर अपनी पार्टी छोड़कर केजरीवाल से मुक्ति पाई है। इससे पहले ‘आप’ के अन्य कई बड़े नेताओं ने भी पार्टी से भागकर अपनी जान बचाई है। उन्होंने कहा कि अब पंजाब के विधायक भी ‘आप’ में घुटन महसूस कर रहे हैं और पार्टी से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं।
‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ से बिना आवेदन घर बैठे मिल रहा योजनाओं का लाभ: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने 58 लाख लाभार्थियों को जारी किए 2115 करोड़ रुपये
‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ से लेकर किसानों के मुआवजे और सामाजिक सुरक्षा पेंशन तक सीधे खातों में पहुंची राशि
अब घर बैठे मिलेगा बिल्डिंग प्लान अप्रूवल, किसानों को व्हाट्सएप पर पहुंचे जे-फार्म
चंडीगढ़, 8 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के डिजिटल प्लेटफार्म तथा किसानों को जे फार्म व्हाटसएप पर भेजे जाने की शुरुआत कर दी है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा निवास में आयोजित प्रैसवार्ता के दौरान प्रदेश के आमजन और किसानों को इन दो बड़ी सौगातों के अलावा 24 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 2 हजार 115 करोड़ 41 लाख रुपये राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जारी किए। इसके तहत 58 लाख 87 हजार 479 पात्र लाभार्थियों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने डीबीटी के माध्यम से जिन लाभार्थियों को राशि वितरित की गई है, उनमें दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की सातवीं किस्त,हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत जारी होने वाली सब्सिडी राशि, खरीफ फसल-2025 का मुआवजा, भावांतर भरपाई योजना की राशि के अलावा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पेंशन राशि शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की सातवीं किस्त के तहत 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खातों में 205 करोड़ रुपये की राशि डाली गई है। इसे मिलाकर अब तक 7 किस्तों में 1 हजार 415 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि आज 18 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 1 हजार 146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि सीधे 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में डाली गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण भी डीबीटी के माध्यम से किया गया है। सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के 64 हजार 923 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 100 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि जारी की है। यह छात्रवृत्ति 2 लाख 50 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले अनुसूचित जाति के परिवारों के कक्षा 11वीं से स्नातकोत्तर तक के विद्यार्थियों को दी जाती है। छात्रवृत्ति राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत पात्र विद्यार्थियों को जारी की गई है। इससे पहले छात्रवृत्ति राशि वितरित करने की प्रक्रिया विभिन्न विभागीय स्तर पर आधारित थी, जिसके कारण भुगतान में देरी व तकनीकी विसंगतियों का सामना करना पड़ता था। इसलिए प्रदेश सरकार ने ओ.बी.सी., ई.बी.सी. और डी.एन.टी. योजनाओं को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के साथ ऑन -बोर्ड किया है। इससे भुगतान की प्रक्रिया सरल हुई है
मुख्यमंत्री ने कहा कि दयालु योजना के तहत 5 हजार 677 परिवारों को 215 करोड़ 29 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। साथ ही आज गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 11 लाख 23 हजार बहनों के बैंक खातों में फरवरी और मार्च माह की 38 करोड़ 54 लाख रुपये की सब्सिडी भी डाली है। इस योजना में पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।
किसानों को मुआवजा और भावांतर भरपाई योजना की राशि भी हुई जारी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बारिश और जल भराव के कारण खराब हुई खरीफ फसल-2025 के लिए 1 लाख 50 हजार 583 किसानों को 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी की है।
इसके तहत भिवानी जिले के 29 हजार 539 किसानों को 66 करोड़ 88 लाख रुपये तथा हिसार जिले के 25 हजार 812 किसानों को 64 करोड़ 40 लाख रुपये जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले, किसानों को 6 हजार 272 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है। पिछले साढ़े 11 वर्षो में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल खराब होने पर 9 हजार 888 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम भी दिये गये हैं। आज की राशि को मिलाकर प्रदेश में पिछले साढ़े 11 सालों में किसानों को फसल के मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कुल 16 हजार 530 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार से पहले कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में केवल 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी। यही नहीं, कांग्रेस सरकार तो किसानों की 269 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि बकाया छोड़कर चली गई थी। इसे भी डबल इंजन सरकार ने जारी करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी के लिए 5 हजार 296 किसानों को 38 करोड़ 88 लाख रुपये की भावांतर राशि जारी की है। यह राशि पांच जिलों- अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और पंचकूला के सब्जी उत्पादक किसानों को जारी की गई है। आज जारी की गई राशि को मिलाकर अब तक 39 हजार 557 किसानों को 196 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि भावांतर भरपाई के रूप में जारी की जा चुकी है।
ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम शुरू
हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के डिजिटल प्लेटफार्म की शुरुआत की है। अब इस प्लेटफॉर्म से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लॉट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिलेगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लान्ड रिहायशी प्लॉट्स की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की जा रही है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने कहा कि इससे आम आदमी को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
जे—फार्म भेजे किसानों को व्हाट्सएप पर
उन्होंने कहा कि आज जे-फार्म किसानों को व्हाट्सएप पर भेजे गए है, भविष्य में भी ऐसे ही मिलेंगे। सरकार ने 25 अप्रैल को चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एम.एस.पी. पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसान के व्हाट्सएप पर भेजे जाने की घोषणा की थी। 6 मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किये गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा।
हरियाणा में गेहूं खरीद के व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में गत 1 अप्रैल से 7 मई तक मंडियों में 84 लाख 18 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाॅयोमैट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
